पिछले 100 वर्षों से, पृथ्वी की सतह के निकट हवा का औसत तापमान कम से कम 1 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है.(1.3 ± 0.32 ° फेरनहाइट) (0.74 ± 0.18 डिग्री सेल्सियस). बस इतना ही नहीं, यह तूफान में विशिष्ट वृद्धि, बाढ़ और भड़के हुए जंगल की आग के लिए जिम्मेदार है, वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी के तापमान मे एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। अभी तक के रिकार्ड के अनुसार.पिछले आठ सालो में तीन साल सबसे गर्म हुए है. लेकिन सोचने कि बात ये नही है कि पृथ्वी कितनी गर्म है, सोचने कि बात यह कि पृथ्वी कितनी जल्दी गर्म हो रही है| पृथ्वी पर हमेशा से प्राकृतिक जलवायु परिवर्तित होती रही है। बर्फ युग से गर्म मध्यवर्ती युग 50000 से 100000 वर्ष की अवधि में विकसित हुआ| पृथ्वी के तापमान मे जितनी वृद्धि पिछ्ले 30 वर्षों मे हुई है वेसी अभी तक नहीं हुई है| इसके अलावा, ये अवधि अब सामान्य रूप से पृथ्वी के ठंडे होने की है, प्राकृतिक प्रभाव के अनुसार सौर चक्र और ज्वालामुखी गतिविधि हीटिंग-चरण मे नहीं है| इन सभी तथ्यों को वैज्ञानिकों ने बताया है कि ग्लोबल वार्मिंग एक प्राकृतिक घटना नहीं है और अनुमान है कि इसे प्राकृतिक कारणों से नहीं लाया गया है|